Tulsi Plant Rules: आपके घर में लगा है तुलसी का पौधा? जान लें ये बेहद जरूरी बात वरना होगा बड़ा नुकसान

तुलसी के पवित्र पौधे (Tulsi Plant) को घर में लगाने के साथ-साथ उसकी पूजा, रख-रखाव आदि को लेकर कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है.

भगवान विष्‍णु (Lord Vishnu) को प्रिय तुलसी के पौधे का सनातन धर्म में बहुत महत्‍व है. घर में इस पवित्र पौधे (Holy Plant) का होना बहुत शुभ माना जाता है. वहीं इसके कई औषधीय फायदे भी हैं. यह पौधा ढेर सारी सकारात्‍मक ऊर्जा देता है. तुलसी के पौधे (Tulsi Plant) के इन फायदों को जानकर अब अधिकांश घरों में यह पौधा देखा जा सकता है. लोग इसकी पत्तियां तोड़कर दवा की तरह उनका इस्‍तेमाल करते हैं. यदि आपके घर में भी तुलसी का पौधा है तो कुछ जरूरी बातों (Important Rules) को जान लें क्‍योंकि तुलसी का अनादर करना जिंदगी पर भारी पड़ सकता है.

इन बातों का रखें बहुत ध्‍यान

– घर में तुलसी का पौधा है तो रोज सुबह उसमें जल चढ़ाएं और शाम को दीपक लगाएं.

रविवार, अमावस्‍या, एकादशी के दिन कभी भी तुलसी के पत्ते न तोड़ें और ना ही जल चढ़ाएं. इन दिनों में तुलसी जी भगवान विष्‍णु के लिए व्रत रखती हैं और जल चढ़ाने से व्रत टूट जाता है. ना ही शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ें. ऐसा करना बहुत अशुभ होता है.

– तुलसी के पौधे की उम्र आमतौर पर 2 से 4 साल होती है. जब पौधा सूख जाए तो उसे नदी में प्रवाहित कर दें. तुलसी का सूखा पौधा घर में नकारात्‍मकता लाता है.

विष्‍णु जी, कृष्‍ण जी और हनुमान जी की पूजा में तुलसी के पत्ते जरूर अर्पित करें. ऐसा करने से भगवान प्रसन्‍न होकर जल्‍दी फल देते हैं.

यह भी पढ़े :  Dev Uthani Ekadashi 2021: कब है देवउठनी एकादशी 14 या 15 नवंबर? जानिए सही तिथि. |

– तुलसी के पत्तों को कभी भी नाखून से न तोड़ें, बल्कि उंगलियों के पोरों से हल्के हाथ से तोड़ें, ताकि तुलसी जी को चोट न लगे.

– ग्रहण के समय भोजन और पानी में तुलसी के पत्ते डालना है तो इसके लिए पहले से पत्ते तोड़कर रख लें. ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्ते न तोड़ें, बल्कि तुलसी के पौधे को छुए भी नहीं.