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Tuesday, October 26, 2021

Krishna Janmashtami 2021: राशिनुसार करें भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, मंत्र और चढ़ाएं यह भोग

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जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष पूजा होती है। मध्यरात्रि को भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भजन कीर्तन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाया जाता है।

30 अगस्त 2021,सोमवार को भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष पूजा होती है। मध्यरात्रि को भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भजन कीर्तन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाया जाता है। मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने से संतान की प्राप्ति और सुख-समृद्धि की मनोकामना की जाती है। जन्माष्टमी के दिन सभी कृष्ण भक्त आसपास के मंदिरों में जाकर भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाते हुए पूजा आराधना करते हैं। ऐसे में अगर आप भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं तो इस दिन अपनी राशि के अनुसार पूजा करें और मंत्र बोलते हुए भोग अर्पित करें।

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मेष – मिश्री का भोग लगाने से कृष्ण जी प्रसन्न होंगे।
मंत्र – ”ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:”।

वृषभ – मक्खन का भोग लगाएं।
मंत्र -” श्रीराधाकृष्ण शरणम् मम”।

मिथुन – धन प्राप्ति का के लिए अच्छा दिन है। दही का भोग लगाएं ।
मंत्र – ” श्रीराधायै स्वाहा“

कर्क –  पीला माखन का भोग लगाएं ।
मंत्र – “श्रीराधावल्लभाय नम:”

सिंह- मिश्री माखन का भोग लगाएं।
मंत्र – “श्रीराधावल्लभाय नम:”

कन्या-  फल और मक्खन का भोग लगाएं ।
मंत्र – “ॐ वैष्णवे नम:“।

तुला-  मक्खन से बना प्रसाद का भोग लगाएं।
मंत्र – “र्ली कृष्ण र्ली”।

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वृश्चिक –  खीर का भोग लगाएं
मंत्र – “श्रीवृंदावनेश्वरी राधायै नम:”

धनु-  मिश्री माखन का भोग लगाएं।
मंत्र – “ॐ नमो नारायणाय”।

मकर- सफेद मिष्ठान का भोग लगाएं।
मंत्र – “ॐ नमो नारायणाय”।
कुंभ- पंजीरी का भोग लगाएं।
मंत्र – “ॐ र्ली गोपीजनवल्लभाय नम:”।

मीन- केले का भोग लगाएं।
मंत्र -“ॐ र्ली गोकुलनाथाय नम:”

इस बार ऐसा संयोग बना है कि ये सभी तत्व 30 अगस्त को मौजूद रहेंगे। इस दिन सोमवार है। सुबह से अष्टमी तिथि व्याप्त है, रात में 2 बजकर 2 मिनट तक अष्टमी तिथि व्याप्त है जिससे इसी रात नवमी तिथि भी लग जा रही है। चंद्रमा वृष राशि में मौजूद है। इन सभी संयोगों के साथ रोहिणी नक्षत्र भी 30 अगस्त को मौजूद है। इस बार जन्माष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। इसके साथ ही वृषभ लग्न और वृषभ राशि के पंचम भाव में बुध और शुक्र एक साथ होने से लक्ष्मी नारायण योग की उत्पत्ति भी होगी। कृष्ण जन्मोत्सव का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त को रात्रि 11:58 से 12:45 तक रहेगा।

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