Lal Kitab: तांबे का कड़ा पहनने के हैं ढेरों शारीरिक-मानसिक-आर्थिक फायदे, जान लें जरूरी नियम

धातुएं (Metals) हमारे शरीर और मन पर गहरा असर डालती हैं. तांबे का कड़ा (Tambe ka Kada) पहनने के ढेरों फायदे हैं, हालांकि इसे नियम पूर्वक ही पहनना चाहिए.

रत्‍नों (Gemstone) की तरह धातुएं (Metals) भी हमारी जिंदगी पर बहुत बड़ा असर डालती हैं. सोना, चांदी, लोहा, तांबा, पीतल आदि का ग्रहों से संबंध है. तांबे (Copper) का सूर्य (Sun) से या पीतल का गुरु से, चांदी का चंद्रमा संबंध है. यह धातुएं पहनने से इनका रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग करने से ये ग्रह (Planets) मजबूत होते हैं. इसलिए लोग इन धातुओं की अंगूठी, कड़े पहनते हैं. लाल किताब (Lal Kitab) में तांबे का कड़ा (Tambe Ka Kada) पहने के फायदों के साथ-साथ इसे पहनने के जरूरी नियम (Important Rules) भी बताए गए हैं.

तांबे का कड़ा पहनने का फायदा :

– तांबे का कड़ा पहनने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है. यह पुराने से पुराने ऑस्टियो आर्थराइटिस में भी राहत देता है. ऐसे लोग जिनको ठंड के मौसम में हाथ-पैर में जकड़न होती है, उन्‍हें तांबे का कड़ा पहनने से राहत मिलेगी.

– तांबा कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करता है. हीमोग्‍लोबिन बढ़ाता है. ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छी करता है. गुस्‍से पर काबू करता है. इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करता है. कुल मिलाकर यह कई बीमारियों से रक्षा करता है.

– जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर है, यदि वे तांबे का कड़ा पहनें तो उनकी जल्‍दी तरक्‍की होती है. आत्‍मविश्‍वास बढ़ता है, यश मिलता है.

इन बातों का रखें ध्‍यान :

तांबे का कड़ा पहनने से पहले विशेषज्ञ से कुंडली में ग्रहों की स्थिति की जांच करा लें. क्‍योंकि कलाई में, उंगलियों में या गले में बिना जांचे-परखे कोई भी धातु पहनना घातक भी साबित हो सकता है. कड़ा पहनने के बाद नशा न करें और ना ही अनैतिक काम करें. कड़ा अच्‍छा मुहूर्त देखकर धारण करें. साथ ही कोई भी अपवित्र कार्य कड़ा पहनकर न करें, इससे कड़ा प्रभावहीन हो जाएगा.