LPG Subsidy : सरकार बढ़ाएगी एलपीजी पर सब्सिडी! देशभर के लोगों के लिए खुशखबरी.

नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाला है। इस बजट से पहले अलग-अलग संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी डिमांड लिस्ट सौंपनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में एलपीजी सिलेंडर के दाम को लेकर एक डिमांड की गई है।

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राष्ट्रीय नागरिक कार्रवाई संगठन-वारियर मॉम्स ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर आगामी बजट में गरीब परिवारों के लिए घरेलू गैस को सस्ता करने का प्रावधान लाने की मांग की है। संगठन ने दावा किया कि पत्र को कांग्रेस सांसद शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस सासंद सौगत रॉय, द्रविण मुनेत्र कणगम (द्रमुक) सांसद डी रविकुमार, नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद फारूक अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सांसद वंदना चह्वाण और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अंजना प्रकाश समेत लगभग 20 प्रमुख हस्तियों ने अपना समर्थन दिया है।

इन लोगों के लिए सरकार कर रही योजना का विस्तार :

इसके अलावा, केंद्र कथित तौर पर उस योजना का विस्तार करने जा रहा है जो कम आय वाले परिवारों में महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, 1,600 रुपये, मुफ्त पहली रिफिल और मुफ्त गैस चूल्हा प्रदान करती है।

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जैसा कि यह वर्ष मोदी सरकार के आखिरी बजट का गवाह बनेगा, उज्जवला लाभार्थियों को चिंता है कि वित्तीय वर्ष 2024 के लिए योजना का नवीनीकरण किया जाएगा या नहीं।

केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का विस्तार करने का एक और कारण पूर्वोत्तर भारत में पहुंच में सुधार करना है। मेघालय में भारत में सबसे कम 54.9 प्रतिशत एलपीजी कवरेज है, इसके बाद त्रिपुरा, झारखंड और गुजरात का स्थान है।

2024 के चुनावों से पहले, मोदी सरकार द्वारा एलपीजी सब्सिडी के पक्ष में बदलाव किए जाने की उम्मीद है ताकि लाभार्थी योजना के जारी रहने की उम्मीद कर सकें।

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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब महंगाई चरम पर है और 2024 में आम चुनाव तेजी से नजदीक आ रहे हैं। रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल लंबे समय से चुनावी विषयों पर गरमागरम बहस का विषय रहे हैं।

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क्या है लेटर में :

लेटर के मुताबिक साल 2016 में आई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत लगभग 8 करोड़ परिवारों को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों का उपभोक्ता बनाया गया था। हालांकि, सब्सिडी की कमी के साथ-साथ समय पर भरे सिलेंडर मिलने में परेशानी के कारण लाखों परिवार एलपीजी अपनाने से कतराते हैं।

संगठन ने आगे कहा कि वंचित परिवार अभी भी लकड़ी और कंडे जैसे ईंधनों पर निर्भर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं। अभी औसतन 1,000 रुपये से ऊपर चल रहे सिलेंडर को खरीदने में असमर्थ वंचित परिवार ईंधन के लिए लकड़ी या कंडे जलाने पर निर्भर हैं, जिससे गर्भ में ही बच्चे की मौत होने, अस्थमा, ब्रोंक्राइटिस, शारीरिक विकास में बाधा, जीवन प्रत्याशा में कमी के साथ-साथ भ्रूण मौत दरों में बढ़ोतरी जैसी समस्याएं आ रही हैं। सभी वंचितों को घरेलू सिलेंडर और उन्हें भराने की सुविधा रियायती दरों पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

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संगठन ने केंद्र सरकार से देशभर में एलपीजी सिलेंडर आवंटन को और सरल बनाने के साथ-साथ सब्सिडी बढ़ाने का आग्रह किया है।

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