Vaishakh Purnima : जानें मुहूर्त, पूजा विधि एवं अकाल मृत्यु भय दूर करने का उपाय वैशाख पूर्णिमा पर.

वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि आज 16 मई दिन सोमवार को है. इस दिन वैशाख पूर्णिमा व्रत (Vaishakh Purnima) रखा जाएगा, पवित्र नदियों में स्नान, दान के बाद भगवान विष्णु की पूजा की जाएगी. पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती है. वैशाख पूर्णिमा वाले दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है और इस दिन बुद्ध पूर्णिमा भी है. इस तिथि को भगवान बुद्ध जन्म हुआ था. बौद्ध धर्म के लिए बुद्ध पूर्णिमा एक विशेष दिन है.

वैशाख पूर्णिमा 2022 मुहूर्त

वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 15 मई, दिन रविवार, दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से

वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि का समापन: 16 मई, दिन सोमवार, सुबह 09 बजकर 43 मिनट पर

सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से, 17 मई, सुबह 05 बजकर 29 मिनट तक

चंद्रोदय का समय: शाम 07 बजकर 29 मिनट पर

वैशाख पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि
वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ चंद्रमा की पूजा करते हैं. पूर्णिमा के दिन प्रात: स्नान करें और अपने सामर्थ्य के अनुसार जल पात्र, पंखा, नमक, चावल, चीनी, छाता, घी आदि का दान किसी ब्राह्मण को करें.

इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें. उनको पंचामृत से स्नान कराएं. फूल, फल, अक्षत्, धूप, दीप, गंध, चंदन, रोली, वस्त्र आदि अर्पित करते हुए पूजा करें. केला, तुलसी का पत्ता, मिठाई, खीर आदि का भोग लगाएं. फिर विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम आदि का पाठ करें.

फिर घी के दीपक से भगवान विष्णु की आरती करें. उसके पश्चात प्रसाद वितरण करें. रात्रि के समय में चंद्रमा की पूजा करें. चंद्रमा को जल में दूध, शक्कर, अक्षत् आदि डालकर अर्पित करें. कुंडली का चंद्र दोष दूर हो जाएगा.

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अकाल मृत्यु भय दूर करने का उपाय
वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ ही मृत्यु के देवता यमराज की भी पूजा करें. उनको पूजा में जल से भरा कलश, मिठाई आदि चढ़ाएं. तिल और शक्कर का दान करें. ऐसा करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और उस व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है.