Thursday Remedies : कुंडली में बृहस्पति को मजबूत करने के लिए करें ये ज्योतिष उपाय जानें गुरुवार के दिन क्या करें और क्या नहीं.

हिंदू धर्म में पंचांग को काफी महत्व दिया जाता है और पंचांग में हफ्ते के 7 दिनों का अपना-अपना महत्व है. सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित किया गया है. इसी क्रम में गुरुवार जिसे बृहस्पतिवार के नाम से भी जाना जाता है इस दिन ब्रह्मा, बृहस्पति और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है.

हमारे सौरमंडल में बृहस्पति ग्रह सबसे बड़ा ग्रह माना जाता है. शास्त्रों में इस ग्रह को देवताओं का गुरु भी कहा गया है. ऐसा माना जाता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत स्थिति में हो तो उस व्यक्ति की सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं. हिंदू धर्म शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजें हैं जो गुरुवार के दिन करना वर्जित माना गया है. तो चलिए भोपाल के रहने वाले पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा, ज्योतिष के अनुसार जानते हैं कुछ ऐसी ही चीजें जिन्हें गुरुवार के दिन नहीं करना चाहिए.

– हिंदू धर्म शास्त्रों में गुरुवार के दिन बाल काटना, दाढ़ी बनाना, नाखून काटना वर्जित माना गया है. ऐसा माना जाता है कि गुरुवार के दिन इन सब कामों को करने से व्यक्ति को धन से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही व्यक्ति की उन्नति में भी बाधाएं उत्पन्न होती हैं.

– गुरुवार के दिन किसी भी प्रकार के लेनदेन से बचना चाहिए. उस दिन ना तो किसी व्यक्ति से कर्ज लेना चाहिए और ना ही किसी व्यक्ति को उधार पैसे देने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के ऊपर कर्ज बढ़ने की संभावना होती है.

यह भी पढ़े :  RAM BHAKT HANUMAN : जानें किस वजह से हनुमान जी को चीरना पड़ा अपना सीना.

-गुरुवार के दिन जाने या अनजाने में पिता, गुरु या किसी भी साधु संतों का अपमान नहीं करना चाहिए. यह सभी देवताओं के गुरु बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसलिए इनका अपमान करने से बृहस्पति नाराज होते हैं, और व्यक्ति को तरह तरह के कष्ट उठाने पड़ सकते हैं.

– गुरुवार के स्वामी भगवान नारायण होते हैं, और इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा करने से भगवान नारायण प्रसन्न होते हैं. गुरुवार के दिन लक्ष्मी नारायण की एक साथ पूजा करनी चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में धन-धान्य और खुशियां आती हैं. साथ ही पति पत्नी के रिश्ते में भी अटूटता बनी रहती है.