Sun Transit In Gemini : 15 जून को बन रहा राहु शुक्र का संयोग मिथुन संक्रांति पर जानें देश और आप पर प्रभाव.

सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे जिसे मिथुन संक्रांति कहते हैं। इसके साथ ही जेष्ठ का महीना समाप्त हो जाएगा और आषाढ़ का महीना आरंभ हो जाएगा। इसलिए इसे आषाढ़ संक्रांति भी कहेंगे। सूर्य की इस संक्रांति से मौसम, राजनीति, अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा इन सभी विषयों की गणना मेदनी ज्योतिष से की जाती है। मेदिनी ज्योतिष में सूर्य के राशि परिवर्तन की कुंडली से महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों का ज्योतिषीय पूर्वानुमान लगाया जाता है। सूर्य के राशि बदलने के समय की कुंडली किसी राष्ट्र की स्थापना कुंडली के साथ मिलाकर देखने से उस देश के अगले 30 दिनों के विषय में महत्वपूर्ण भविष्यकथन किये जाते हैं।

अभी 16 मई को लगे चंद्र ग्रहण की कुंडली पर ‘भारत में कुछ हिंसक घटनाओं, भावनाओं के उद्वेग तथा जनता के विरोध प्रदर्शन के विषय में भविष्यवाणी की गयी थी जो अभी हाल ही में बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा के कुछ विवादास्पद बयानों के विरोध में एक समुदाय विशेष के द्वारा भारत के कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के होने पर सत्य सिद्ध हुई है।

मिथुन संक्रांति का राजनीति पर असर
15 जून को दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर भारतीय समयानुसार बुधवार कृष्ण प्रतिपदा को चंद्रमा के मूल नक्षत्र में रहते सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। संक्रांति के साथ आषाढ़ मास आरंभ हो जाएगा इस समय समय सिंह लग्न उदित होगा। ऐसे में देश के बड़े हिस्से में गर्मी का सितम जारी रहेगा। संक्रांति कुंडली में धर्म स्थान यानी नवम भाव में राहु और दशमेश शुक्र की युति रहेगी जिससे धार्मिक विवाद अभी और बढ़ सकते हैं ऐसी आशंका है। इस राहु-शुक्र की अशुभ युति पर शनि की भी दृष्टि रहेगी जिससे महिला राजनेताओं को परेशानी हो सकती है। किसी महिला नेता की गिरफ़्तारी के बाद सरकार को अपने समर्थकों से विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़े :  Today Happy Birthday : 31 मार्च 2022 : आपका जन्मदिन

व्यापारियों और खिलाडियों को मिथुन संक्रांति के बाद लाभ
सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश के समय मंगल मीन राशि से सूर्य को देखेंगे जिससे सामान्य जरूरतों की चीजें और महंगी होंगी। वैसे सूर्य संक्रांति बुधवार के दिन पड़ रही है और और बुध के साथ शुक्र संक्रांति के कुछ ही दिनों बाद वृष राशि में मिल रहे हैं जिससे देश के व्यापारी वर्ग खूब लाभ कमाएंगे। इसके अलावा संक्रांति के समय चंद्रमा, बुध और शुक्र तीनों जल तत्व की राशियों के नवांश में गोचर करेंगे जिससे भारत के दक्षिण और मध्य भूभाग में अच्छी वर्षा होगी। रायपुर, मुंबई, भोपाल, बंगलुरु, कोलकाता आदि शहरों में जून के दूसरे पखवाड़े में अच्छी वर्षा होगी। 27 जून को मंगल के मेष राशि में प्रवेश के बाद दिल्ली-एनसीआर और उत्तरप्रदेश में भी अच्छी वर्षा हो सकती है। लेकिन मंगल के मेष राशि में राहु के साथ युति के चलते देश के प्रमुख शहरों में कोरोना वायरस और मंकी-पॉक्स के मामले बढ़ सकते हैं, ऐसी आशंका दिखती है। किन्तु स्थिति नियंत्रण में रहेगी। 1 जुलाई से 17 जुलाई के बीच हॉलैंड में होने वाली महिला हॉकी विश्वकप प्रतियोगिता में भारत की टीम अच्छा प्रदर्शन कर सकती है जिससे देश का गौरव बढ़ेगा।

मिथुन संक्रांति का राशियों पर प्रभाव
मिथुन संक्रांति के समय बनने वाली कुंडली से मालूम होता है कि यह संक्रांति वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक, घनु, मकर और मीन राशि के लोगों के लिए शुभ फलदायी रहेगी। अन्य राशियों के लिए यह संक्रांति बहुत अनुकूल नहीं है इन्हें बेमतलब की परेशानियों और उलझनों से गुजरना होगा।