SHASHA YOGA : जानें कैसे कुंडली का ये योग बनाता है सरकारी अफसर हर क्षेत्र में सफल होते हैं.

कुडली में ग्रहों की स्थिति का जीवन पर खास असर पड़ता है. ग्रह और नक्षत्रों के द्वारा कुंडली में योग बनते हैं. कुछ योग जीवन पर सकारात्मक असर डालते हैं जबकि कुछ नकारात्मक. कुंडली के शुभ योगों में से एक शश योग है. कुंडली में इस योग का निर्माण शनि की शुभ स्थिति के कारण होता है. आगे जानते हैं कि शश योग कैसे बनता है और इसका जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है.

कुंडली में कैसे बनता है शश योग?
ज्योतिष शास्त्र में पांच महापुरुष योग का विशेष महत्व है. जिसमें रूचक योग, भद्र योग, हंस योग, मालव्य योग और शश योग शामिल हैं. लग्न कुंडली में शश योग बेहद खास माना जाता है. कुंडली में यह योग शनि के द्वारा विशेष परिस्थितियों में बनता है. अगर शनि लग्न या चंद्र भाव से केंद्र स्थान यानि शनि कुंडली के 1, 4, 7 या 10वें भाव में है तो ऐसे में शश योग का बनता है. इसके अलावा शनि, तुला, मकर या कुंभ राशि में स्थित है तो इस स्थिति में शश योग का निर्माण होता है. जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग बनता है, उसे अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है.

शश योग का जीवन पर प्रभाव
जिस जातक की कुंडली में शश योग बनता है, उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है. साथ भी जातक राजनीति में ऊंजा कद हासिल करता है. इस योग के प्रभाव से जातक की सेहत अच्छी रहती है. इसके अलावा शनिदेव की कृपा से इंसान दूसकों की क्षमता का आकलन करने में सक्षम होता है. वहीं इस योग के प्रभाव से व्यक्ति समाज में प्रतिष्ठा और मान-सम्मान हासिल करता है. इतना ही नहीं जिन लोगों की कुंडली में शश योग बनता है, वे सरकारी अफसर, जज, इंजीनियर या वकील बनते हैं.