Shani Pushya Yog 2022 : शनि पुष्य योग का दुर्लभ संयोग 4 जून को बना है इनके लिए रहेग बेहद फायदेमंद.

जून महीने का पहला शनिवार बेहद ही खास होने वाला है इसकी वजह यह है कि इस शनिवार के दिन बेहद ही दुर्लभ शनि पुष्य योग का संयोग बन रहा है। इस पूरे साल में यह संयोग एक बार ही बन रहा है। इस पर सोने पर सुहागा यह भी है कि इस दिन रवियोग भी लग रहा है और शनि की चाल भी बदल रही है। शनि पुष्य योग को ज्योतिषशास्त्र में गुरु पुष्य योग के समान ही शुभ और दुर्लभ कहा गया है। इस संयोग में स्थायी संपत्ति की खरीदारी या लंबे समय के लिए निवेश करना बेहद शुभ माना जाता है।

ज्योतिषशास्त्र में पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनिदेव को बताया गया है जबकि इसके देवता गुरु माने गए हैं। इसलिए इस दिन खरीदा गया सोना बहुत ही शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र पर शनि, गुरु के साथ साथ चंद्रमा का भी प्रभाव होता है। इसलिए लोहा, चांदी, सोना की वस्तुओं की खरीदारी की जा सकती है। साथ ही शनि पुष्य योग को शनि संबंधी प्रतिकूलता को दूर करने के लिए एक सुनहरा अवसर माना जाता है। साथ ही धन संबंधी मामलों में बरकत के लिए भी इस योग को बहुत ही खास बताया जाता है।

शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव को ऐसे करे कम

शनिवार के दिन पुष्य योग पड़ने से शनि दोष से पीड़ित व्यक्तियों के पास कष्टों से मुक्ति पाने का अच्छा मौका है। ये दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन आप साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि की दशा के प्रतिकूल प्रभाव से मुक्ति के उपाय अधिक कारगर होते हैं।

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इस दिन शनिदेव पर सरसों के तेल से अभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही परेशानियों में कमी आती है। आप चाहे तो शनि पुष्य योग वाले दिन गरीब जरूरतमंदों को कंबल, लोहे के बर्तन, तिल की मिठाइयां, तेल, तिल, उड़द की दाल आदि का दान करना उचित रहता है।

शनि पुष्य के शुभ योग में काले घोड़े की नाम से अंगूठी बनवाकर अपनी मध्यमा उंगली में पहन लें। ऐसे करने से आपको शनि के कारण आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। यदि आपके लिए ये संभव न हो पाए तो आप किसी ज्योतिष की सलाह से शनि का रत्न नीलम भी धारण कर सकते हैं।

शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए आप एक सरल उपाय और कर सकते हैं। शनि पुष्य योग के दिन लाल चंदन की माला को दिए ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र के साथ जप करने के बाद इस माला को धारण कर लें। इस उपाय से आपको शनिदेव के आशीर्वाद प्राप्त होगा और आपकी मुश्किलें कम होंगी।

शनि पुष्य योग के दिन मंदिर में दीप दान करके शनि चालीसा का पाठ और शनि देव के 108 नामों के जप करने से व्यक्ति को शनि देव की बुरे परिणामों से मुक्ति मिलती है।