Shani Jayanti : 1 नहीं 3 ग्रहों का मिलेगा फायदा शनि जंयती पर पैरों में बांधे काला धागा.

शनि जयंती ज्‍येष्‍ठ मास की अमावस्‍या तिथि पर हर साल मनाई जाती है और इस अवसर पर शनि महाराज से जुड़े टोटके और उपाय करके उनको प्रसन्‍न किया जा सकता है और उनकी कृपा प्राप्‍त की जा सकती हे। इन्‍हीं उपायों में से एक है काला धागा पैर में बांधना। इस साल शनि जयंती 30 मई दिन सोमवार को है। इस दिन शनिदेव की पूजा करके काले धागे को अपने पैर में बांधेंगे तो आप हर प्रकार की बुरी नजर से दूर रहेंगे और साथ ही शन‍ि की बुरी दृष्टि से भी बचे रहेंगे। आइए काले धागे को कैसे पहना जाता है और इसके क्‍या फायदे हैं, इस बारे में आपको विस्‍तार से बताते हैं।

काला धागा पहनना फैशन या फिर धर्म

पैर में काला धागा पहनना आजकल एक फैशन बन गया है। कई बॉलिवुड सेलेब्रिटीज भी पैर में काला धागा पहने देखे जाते हैं। सारा अली खान भी उनमें से एक हैं। ज्‍योतिष विशेषज्ञों की मानें तो काले धागे को पैर में पहनने का धार्मिक पहलू यह है कि ये साधारण सा दिखने वाला धागा हर प्रकार की नकारामक शक्तियों को आपसे दूर रखता है।

शनि दोष दूर करने का प्रमुख उपाय

शनि देव को बेहद क्रोधी स्‍वभाव का और क्रूर ग्रह माना जाता है। शनिदेव आपके ऊपर कुछ बुरा असर न दिखाएं या फिर शनि के दोष से बचने के लिए आपको शनिवार के दिन पैर में काला धागा धारण करना चाहिए। कहते हैं कि शनि का प्रकोप होने पर व्‍यक्ति की सेहत खराब रहती है या फिर फालतू खर्च बढ़ जाता है। अगर यह सब आपके साथ भी हो रहा हो तो पैर में काला धागा पहनकर आप काफी हद तक स्थिति पर नियंत्रण पा सकते हैं।

यह भी पढ़े :  Gudi Padwa 2022 : जानिए कब है गुड़ी पड़वा? जानें तिथि, मुहूर्त एवं धार्मिक महत्व.

राहु और केतु को भी बनाता है मजबूत

शनि के साथ-साथ राहु और केतु को मजबूत बनाने में भी काला धागा काफी असरदार माना जाता है। यदि आपकी कुंडली में ये दोनों ग्रह कमजोर अवस्‍था में हों तो पैर में काला धागा बांधने से आपको निश्चित ही लाभ होगा। ज्‍योतिष में इन दोनों को ही छाया ग्रह माना गया है। आपकी कुंडली में किसी दुश्‍मन ग्रह के साथ मिलकर राहु और केतु आपको काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में काला धागा पहनना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

कब और कैसे पहनें काला धागा

काले धागे को सदैव शनिवार के दिन धारण करना चाहिए।

याद रखें कि काले धागे को किसी शनि मंदिर या फिर किसी भैरव मंदिर में ले जाकर या फिर वहीं से खरीदकर पहनें।

काले धागे को पहनने के बाद 21 बार शनि के बीज मंत्र को पढ़ना शुभ माना जाता है।

यदि आप काला धागा पैर में पहनते हैं तो भूलकर भी गले में लाल या फिर पीला धागा न पहनें।