Shani Dev : इन राशियों पर रहते हैं मेहरबान शनि देव जानें कौन हैं उनके मित्र और शत्रु ग्रह.

Shani Dev: आज शनिवार का दिन सूर्य पुत्र शनि देव की पूजा-अर्चना के लिए है. शनि देव की पूजा करने से शनि दोष (Shani Dosh), साढ़ेसाती (Sade Sati) और ढैय्या (Dhaiya) में राहत मिलती है. शनि देव कर्मफलदाता और न्याय के देवता हैं. चाहें मनुष्य हों या कोई देव, गंधर्व, वे सभी को उनके कर्मों के अनुसार ही फल और दंड देते हैं. शनि देव की दृष्टि से कोई बच नहीं सकता है. कुंडली में नवग्रह होते हैं, उनमें भी शनि देव की किन ग्रहों से मित्रता है और किन ग्रहों से शत्रुता है, उस आधार पर भी शनि देव अच्छे या बुरे फल देते हैं. शनि देव के कुदृष्टि से बचने और उनकी पीड़ा से राहत पाने के लिए भी कई उपाय हैं. आज हम जानते हैं शनि देव के शत्रु (Enemy) और मित्र (Friend) ग्रहों के बारे में और वे किन राशियों पर मेहरबान रहते हैं.

शनि ग्रह के बारे में 6 महत्वपूर्ण बातें :

1. शनि ग्रह को ज्योतिष में नौ ग्रहों में सातवां स्थान प्राप्त है.

2. शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलते हैं.

3. शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने में ढाई साल का समय लेते हैं. हर ढाई साल पर शनि का राशि परिवर्तन होता है.

4. शनि की सीधी चाल को मार्गी और उल्टी चाल को वक्री कहते हैं.

5. शनि ग्रह 12 राशियों के जातकों को अपनी ढैय्या, साढ़ेसाती दशा या फिर चाल से प्रभावित करते हैं.

6. शनि को आयु, पीड़ा, लोहा, खनिज तेल, सेवक, कर्मचारी, विज्ञान आदि का कारक ग्रह माना गया है.

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शनि के मित्र ग्रह
कर्मफलदाता शनि देव की मित्रता शुक्र और बुध ग्रह से है. गुरु ग्रह के साथ समभाव है.

शनि के शत्रु ग्रह
शनि देव के शत्रु ग्रहों में सूर्य, चंद्रमा एवं मंगल हैं. सूर्य देव उनके पिता हैं, फिर भी शनि देव की उनसे शत्रुता है, इसकी वजह सूर्य देव का शनि की माता से बुरा बर्ताव है.

शनि की राशियां और नक्षत्र
शनि देव की दो राशियां मकर और कुंभ हैं. ये मकर और कुंभ के स्वामी ग्रह हैं. शनि की उच्च राशि तुला और नीच राशि मेष है. शनि देव तीन नक्षत्रों अनुराधा, पुष्य एवं उत्तराभाद्रपद के भी स्वामी माने जाते हैं.

शनि देव इन राशियों पर होते हैं मेहरबान
शनि देव तीन राशियों तुला, मकर और कुंभ पर विशेष मेहरबान रहते हैं क्योंकि मकर और कुंभ के स्वामी ग्रह शनि स्वयं हैं, इसलिए इन्हें शनि के शुभ प्रभाव मिलते हैं. तुला राशि में शनि उच्च भाव में होते हैं, इस वजह तुला राशि वालों पर भी शनि देव मेहरबान रहते हैं.

इनके अलावा शनि देव वृष, मिथुन एवं कन्या राशि के जातकों को भी शुभ फल प्रदान करते हैं क्योंकि वृष के स्वामी ग्रह शुक्र और मिथुन एवं कन्या के स्वामी ग्रह बुध हैं. ये दोनों शनि की मित्र राशियां हैं. इस वजह से इनको शनि के शुभ फल प्राप्त होते हैं. इनको शनि का प्रकोप कम सहना होता है.

इन राशियों पर नाराज रहते हैं शनि देव

मेष, कर्क, सिंह एवं वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि का प्रकोप ज्यादा देखने को मिलता है क्योंकि मेष एवं वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल, कर्क के चंद्रमा और सिंह के सूर्य हैं. इन ग्रहों से शनि की शत्रुता का भाव रहता है.

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धनु और मीन के स्वामी ग्रह गुरु हैं. इनका शनि के साथ समभाव होता है. इन दो राशि के जातकों को शनि देव के मिले जुले प्रभाव प्राप्त होते हैं.