Seeta Navmi 2022 : वैवाहिक जीवन की परेशानियों और उलझनों को दूर करने के लिए आज सीता नवमी पर करें ये उपाय.

सीता माता का प्राकट्य दिवस

सीता नवमी विवाहित महिलाओं के लिए सबसे विशेष मानी जाती है। कुछ महिलाएं इस दिन पति की दीर्घायु के लिए व्रत भी करती हैं। राम नवमी को जिस प्रकार से भगवान राम के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाते हैं उसी प्रकार से सीता नवमी को सीता माता के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की नवमी को सीता माता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इसी दिन राजा जनक द्वारा प्रजा की भलाई के लिए हल जोतने पर सीता माता धरती से प्रकट हुई थीं। वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की नवमी तब से सीता मां के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। मान्‍यता है कि इस दिन यदि विवाहित महिलाएं कुछ उपाय करें तो उनके वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्‍याओं का अंत होता है।

दांपत्‍य सुख के लिए करें यह उपाय
विवाह में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए सीता नवमी की शाम श्री जानकी रामाभ्यां नमः मंत्र का 108 बार जप करना बहुत ही लाभकारी होता है। कहते हैं कि सीताजी को मां लक्ष्‍मी का रूप माना जाता है। इस मंत्र का जप करने के साथ ही इस दिन मां लक्ष्‍मी को सुहाग की सभी सामग्री अर्पित करनी चाहिए। अगले दिन यह सामग्री किसी गरीब सुहागिन महिला को दान कर देनी चाहिए। इसके साथ ही सीता नवमी को रामायण का पाठ भी करवाना चाहिए।

धन संकट को दूर करने के लिए
घर में चल रहे धन संकट को दूर करने के लिए पीले वस्‍त्र पहनकर भगवान राम और माता सीता के मंदिर में जाएं और वहां पर केसर‍िया झंडा लगाएं। इसके अलावा इस दिन प्रभु राम और सीता माता को भी नए और पीले वस्‍त्र अर्पित करें। ऐसा करने से आपके घर में श्रीहरि और मां लक्ष्‍मी की कृपा से धन समृद्धि बढ़ने लगती है।

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परिवार में झगड़ा दूर करने के लिए
अगर आपके परिवार में सुख शांति नहीं रहती है और परिवार के लोगों में आपस में लड़ाई होती है तो सीता नवमी के दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की पूजा पूरे विधि विधान से करें। इसके साथ ही जानकी स्‍त्रोत और राम स्‍तुति का पाठ भी करें। फिर सुंदरकांड का पाठ करें और उसके बाद हर बाधा और विवाद को दूर करने के लिए प्रार्थना करें।

सीता नवमी पर भोग लगाएं ऐसी चीजें
सीमा नवमी पर पूजन करते समय श्री सीतायै नम: और श्री सीता-रामाय नम: मंत्रों का जप करें। इसके साथ ही भोग में पीली चीजों को अर्पित करें और उसके बाद माता सीता की आरती करें। सबसे आखिर में माता सीता से अपने सुहाग की कामना करते हुए हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।

कुंवारी कन्‍याएं करें यह उपाय
माता सीता जैसा रूप, गुण और पति पाने के लिए कुंवारी कन्‍याओं को यह उपाय करना चाहिए। हल्‍दी की 5 गांठ लेकर और उसे पीले कपड़े में बांधकर मन में सुयोग्‍य पति पाने की की कामना लेकर उसे माता सीता के चरणों में अर्पित कर दें। ऐसा करने से आपके घर में जल्‍द ही रिश्‍ते की बात चलने लगेगी।