Ravivar Vrat Vidhi : रविवार व्रत करने से पहले जान लें ये नियम और तरीका.

Ravivar Vrat Vidhi: जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपत्ति और तरक्की पाने के लिए रविवार का व्रत सर्वश्रेष्ठ माना गया है. इस दिन भगवान सूर्य नारायण (Surya Narayan) की आराधना व व्रत किया जाता है. मान्यता के अनुसार रविवार का व्रत विधि विधान से करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी हो जाती है, और उसे हर काम में सफलता प्राप्त होती है. ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर होता है तो उसकी नौकरी चली जाती है या फिर नौकरी मिलने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इन सभी समस्या से निजात पा सकते हैं, उसके लिए रविवार का व्रत (Sunday Fast) सर्वोत्तम माना गया है. आइए जानते हैं रविवार व्रत करने की संपूर्ण विधि और उसके फायदे.

रविवार व्रत करने का सही तरीका  :

सबसे पहले रविवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं, स्नान करके साफ लाल रंग के वस्त्र पहनें.

मान्यता के अनुसार सूर्य देव का व्रत एक साल, 30 रविवार या फिर 12 रविवार तक करना अत्यंत शुभ माना जाता है. ये आपके सामर्थ्य पर निर्भर करता है.

अब घर के अंदर पवित्र स्थान पर सूर्य नारायण की स्वर्ण निर्मित मूर्ति या चित्र रखें.

इसके बाद विधि-विधान से सूर्यनारायण को स्नान कराकर सुगंध और पुष्प अर्पित करें. धूप दीप लगा कर उनकी आरती करें.

अब वहीं बैठ कर इस मंत्र ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:’ का 3, 5 या 12 माला जप करें.

जप करने के बाद तांबे के कलश में शुद्ध जल, लाल चंदन, अक्षत, लाल पुष्प और दूर्वा से सूर्य देव को अर्घ्य दें.

यह भी पढ़े :  Astrology: जानिए किस ग्रह से तय होता है आपका भाग्‍य, स्‍वभाव और प्रोफेशन भी बताते हैं 9 ग्रह

रविवार के दिन बिना नमक का भोजन ग्रहण करने का विधान है.

आप रविवार के दिन सात्विक भोजन या फलाहार करें. जिसमें गेहूं की रोटी, दलिया, दूध, दही, घी और चीनी का सेवन कर सकते हैं.

व्रत करने के फायदे :

मान्यता के अनुसार रविवार का व्रत करने से मनुष्य को मोक्ष प्राप्त होता है.

कहा जाता है रविवार को सूर्य देव का व्रत करने से स्त्रियों का बांझपन दूर होता है.

मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है.

रविवार का व्रत और नियमित सूर्य उपासना से मनुष्य को धन, यश, मान-सम्मान, आरोग्य और तरक्की प्राप्त होती है.