Pearls Gemstone : इन 4 राशि वालों को ‘मोती’ है बेहद लाभकारी, जीवन में कभी नहीं रहता तनाव; पर रखना पड़ता है इन बातों का ध्यान.

ज्योतिष में हर ग्रह के लिए अलग-अलग रत्न बताए गए हैं. रत्न, ग्रह की मजबूती और उसके अशुभ प्रभाव को खत्म करने के लिए धारण किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र में मोती को चंद्रमा का रत्न माना जाता है. मोती चंद्रमा की तरह ही देखने में सुंदर और गुण से शीतल होता है. इस रत्न का प्रभाव सीधे मन और शरीर पर पड़ता है. मोती का प्रभाव कभी भी तेज नहीं होता, बल्कि यह सूक्ष्म असर डालता है. मोती किसके लिए लाभकारी होता है. इसे पहनने के क्या नियम हैं और किन लोगों को इसे नहीं पहनना चाहिए, इसे जानते हैं.

मोती धारण के लाभ :
मोती धारण करने से मन को शांत रहता है. इसके अलावा यह तनाव को भी कम करता है. नींद को तंदुरुस्त करने में भी यह सहायक है. इसके अलावा कभी कभी आर्थिक हालात को भी अच्छा रखता है.

मोती किसे धारण करना चाहिए :
ज्योतिष के मुताबिक अलग-अलग लग्नों के हिसाब से मोती पहनना शुभ है. मेष ,कर्क ,वृश्चिक और मीन लग्न के लोगों को मोती पहनना अच्छा माना गया है. इस राशियों को पहनने से मानसिक परेशानी नहीं होती. मोती के साथ पीला पुखराज और मूंगा को ही पहना जा सकता है,किसी दूसरे रत्न को नहीं.

मोती किसे धारण नहीं करना चाहिए :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृष ,मिथुन ,कन्या ,मकर और कुंभ लग्न के लोगों को मोती धारण करना खतरनाक साबित हो सकता है. इन लग्न से संबंधित लोगों को भूलकर भी मोती धारण नहीं करना चाहिए.

अधिक भावुक लोग न पहनें मोती :
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सिंह ,तुला और धनु लग्न के लोगों को विशेष परिस्थिति में ज्योतिषी की सलाह पर मोती धारण कर सकते हैं. इसके अलावा बहुत अधिक भावुक या गुस्सैल स्वभाव के लोगों को मोती नहीं पहनना चाहिए.

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कैसे पहने मोती :
मोती को चांदी की अंगूठी में बनवाना शुभ होता है. इसे सबसे छोटी उंगली धारण करना चाहिए. मोती को शुक्ल पक्ष के सोमवार की रात में धारण करना चाहिए. इसके अलावा इसे पूर्णिमा को भी धारण किया जा सकता है. धारण करने के पहसे गंगाजल से धोकर शिव जी को अर्पित करना शुभ होता है.