LORD KRISHNA 5 BIG TEMPLES INDIA : ये हैं भगवान श्रीकृष्ण के 5 बड़े मंदिर, लाइफ में एक बार जरूर करें दर्शन; होगी हर परेशानी दूर.

अगहन मास में भगवान कृष्ण की उपासना बेहद खास मानी गई है. गीता में भगवान कृष्ण ने गीता में अगहन या मार्गशीर्ष माह को सबसे अच्छा कहा है. ऐसे में मार्गशीर्ष (अगहन) में उनके प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन से सारे दुखों का नाश हो जाता है. देशभर में कृष्ण के कई मंदिर हैं. लेकिन कृष्ण के प्रसिद्ध 5 मंदिरों के बारे में जानते हैं.

गोकुल का मंदिर :
मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण का बचपन गोकुल, वृंदावन, नंदगाव, बरसाना में जैसी जगहों पर बीता. मथुरा से गोकुल की दूरी मात्र 15 किलोमीटर ही है. गोकुल में चौरासी खम्भों का मंदिर, नंदेश्वर महादेव, मथुरा नाथ, द्वारिका नाथ जैसे मंदिर प्रसिद्ध हैं.

श्री कृष्ण मंदिर, वृंदावन :
वृंदावन में भी श्री कृष्ण का भव्य मंदिर है. वृंदावन में रमण रेती पर बांके बिहारी का प्रसिद्ध मंदिर है. भगवत पुराण के मुताबिक मथुरा के वृंदावन में भगवान कृष्ण गोप, गोपियों के साथ गाय चराते थे. वृंदावन का प्रसिद्ध प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर भी स्थित है.

श्री कृष्ण मंदिर, मथुरा :
मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है. ऐसा पुराणों में भी कहा गया है. भागवत पुराण के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म कंस के कारागार में हुआ था. आज भी मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि पर भगवान का बड़ा मंदिर है.

श्रीकृष्ण मंदिर, गुजरात :
गुजरात के प्रभास नामक क्षेत्र में स्थित भगवान कृष्ण का मंदिर है. यह मंदिर पूरे भारत में ही नहीं दुनिया में विख्यात है. एक कथा के मुताबिक यदुवंशियों ने आपसी लड़ाई से अपने कुल का नाश कर लिया था. भागवत कथा के मुताबिक श्री कृष्ण इस जगह पर चिंता में लेटे हुए थे. तब उनके पीताम्बर वस्त्र को हिरण समझकर एक बहेलिए ने बाण चला दिया. इसी जगह पर पैर में लगे बाण का बहाना बना कर इस जगह पर प्राण त्याग दिए.

यह भी पढ़े :  Pitra Dosh : लाल किताब के अनुसार कैसे जानें कि आपको पितृदोष है?

श्री कृष्ण मंदिर, द्वारका :
द्वारका मंदिर मंदिर भगवान श्री कृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर है. पुराण में वर्णन है कि जरासंध की वजह से श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर गुजरात कुशस्थली नगरी चले गए. वहां जाकर उन्होंने द्वारिका नामक नगर की स्थापना की. यहां एक बड़ा हिस्सा आज भी समुद्र में डूबा हुआ है. गुजरात के इस श्री कृष्ण को द्वारकाधीश मंदिर कहा जाता है.