Hanuman Ashtak Path Vidhi : आज इस विधि से करे हनुमान अष्टक का पाठ मिलेगा सम्पूर्ण लाभ.

Hanuman Ashtak Path Vidhi : कलयुगी देवता कहे जाने वाले बजरंग बली को मंगलवार (Tuesday) का दिन समर्पित किया गया है. इस दिन भक्त हनुमान की पूजा-अर्चना व उपासना की जाती है. जिससे प्रसन्न होकर हनुमान जी (Hanuman ji) अपने भक्त के है सारे संकट हर लेते हैं. साथ ही उनकी नकारात्मक (Negative) शक्तियों से भी रक्षा करते हैं. कहा जाता है मंगलवार के दिन जो व्यक्ति हनुमान अष्टक का पाठ करता है उसे किसी भी तरह का संकट और शारीरिक कष्ट नहीं होता है. वैसे तो हनुमान अष्टक का पाठ करने का कोई विशेष दिन नहीं होता. इसे कभी भी कहीं भी किया जा सकता है, लेकिन यदि इसे आप किसी बीमार व्यक्ति के लिए या फिर किसी उद्देश्य के लिए कर रहें हैं तो पूरे विधि विधान से करने पर जल्दी लाभ प्राप्त होता है.

इस विधि से करें हनुमान अष्टक का पाठ  :

हनुमान अष्टक पाठ करने के लिए मंगलवार के दिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त हो कर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें. उसके बाद घर के मंदिर में हनुमान और भगवान राम की प्रतिमा या चित्र लगाकर उनके सामने आसन लगाकर बैठ जाएं.

मन ही मन उस व्यक्ति का नाम लें जो बीमार है, या फिर उस उद्देश्य का स्मरण करें जिसके लिए हनुमान अष्टक का पाठ कर रहें हैं.

इसके बाद दोनों के सामने घी का दिया जलाएं और एक ताम्बे के पात्र में पानी भरकर रख दें.

अब पूरी एकाग्रता और भक्ति भाव के साथ हनुमान अष्टक का पाठ शुरू करें. जब पाठ समाप्त हो जाए तो उस पानी को उस व्यक्ति को पिला दें जिसकी तबियत खराब है या फिर जिसके उद्देश्य पूर्ती के लिए हनुमान अष्टक का पाठ किया है.

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इस पूजा के दौरान तुलसीदल हनुमान जी को अर्पित कर सकते हैं. इससे आपकी पूजा और प्रभावशाली होगी साथ ही सकारात्मक ऊर्जा भी मिलेगी.

ये तुलसी के पत्ते भी संबंधित व्यक्ति को या फिर पीड़ित व्यक्ति को खिलाते दें. इससे जल्द ही काम सफल होंगे और बीमार व्यक्ति को जल्द ही शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी.

हनुमान अष्टक का पाठ न सिर्फ़ बीमारी के लिए बल्कि आप अपने किसी भी सकारात्मक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नियमित रूप से कर सकते हैं. इसे आपको फ़ायदा मिलेगा और बजरंग बली की कृपा आप पर बनी रहेगी.