Gayatri Ja yanti 2022 : जानें मुहूर्त और मंत्र जाप समय आज सर्वार्थ सिद्धि योग में है गायत्री जयंती.

आज गायत्री जयंती (Gayatri Jayanti) है. आज के दिन ही वेद माता गायत्री प्रकट हुई थीं. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि ब्रह्मा जी के आह्वान पर गायत्री मात्रा का प्रकाट्य हुआ था. तब से इस तिथि को गायत्री जयंती मनाते हैं. इस साल गायत्री जयंती पर सर्वार्थ सिद्धि योग, त्रिपुष्कर योग और स्वाती नक्षत्र का संयोग बना है. सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल सिद्ध होते हैं. इस योग में पूजा पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.  गायत्री जयंती पर बने योग और पूजा मुहूर्त के बारे में.

गायत्री जयंती 2022 मुहूर्त

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरूआत: 10 जून, शुक्रवार, सुबह 07 बजकर 25 मिनट से हो चुका है.

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की समाप्ति: आज, प्रात: 05 बजकर 45 मिनट पर उदयातिथि के आधार पर एकादशी तिथि आज मान्य है क्योंकि सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान थी.

आज सूर्योदय प्रात: 05:02 बजे हुआ है.

सर्वार्थ सिद्धि योग: आज सुबह 05 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ, इसका समापन 12 जून को 02:05 एएम पर होगा.

त्रिपुष्कर योग: 12 जून, रविवार, 02:05 एएम से प्रारंभ, इसका समापन 03:23 एएम पर होगा.

परिघ योग: प्रात: काल से लेकर आज रात 08 बजकर 47 मिनट तक, फिर शिव योग

स्वाती नक्षत्र: आज प्रात:काल से लेकर 12 जून को 02:05 एएम से

अभिजित मुहूर्त: 11:53 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक

राहुकाल: सुबह 08:29 बजे से लेकर 10:13 बजे तक

पूजा का मुहूर्त
आज आप प्रात:काल से गायत्री माता की पूजा कर सकते हैं क्योंकि सुबह 05:23 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ हो जा रहा है. राहुकाल के समय में पूजा पाठ वर्जित होता है, इसमें भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं.

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गायत्री मंत्र का जाप
ओम भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्.

गायत्री जयंती के अवसर पर आपको गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. इस मंत्र को जाप करने का तीन समय है. गायत्री मंत्र का जाप सूर्योदय से पूर्व सूर्योदय से कुछ बाद तक, फिर दोपहर में और सूर्यास्त के पूर्व से लेकर उसके बाद तक.