Remedies for Kundli Dosh: बहुत नुकसान पहुंचाते हैं कुंडली के ये 5 दोष, शुरू हो जाता है बुरा समय; जानें उपाय.

Remedies for Kundli Dosh: ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि अगर किसी की कुंडली में दोष (Kundli Dosh) हो तो उसे जीवन में कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है. इसके चलते इंसान को नौकरी-बिजनेस, परिवार में कई तरह के नुकसान उठाने पड़ जाते हैं.

धर्म शास्त्रों के मुताबिक जब किसी व्यक्ति की कुंडली (Kundli) में कोई अशुभ ग्रह किसी शुभ ग्रह के साथ संयोजन करता है तो उस स्थिति में कुंडली दोष का निर्माण होता है. ज्योतिष के अनुसार कुछ विशेष उपाय करके कुंडली के इन दोषों से मुक्ति पाई जा सकती है. आइए जानते हैं कि वे कौन से दोष हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है.

पितृ दोष (Pitra Dosh): जो लोग हर साल पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध नहीं करते, श्राद्ध कर्म में भाग नहीं लेता अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ नहीं करते. उन पर यह पितृ दोष हावी हो जाता है. इससे व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं और आर्थिक स्थिति खराब होने के साथ ही घर में क्लेश बढ़ने लगता है.

इस पितृ दोष से निवारण के उपाय :
पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए आप रोजाना कौवों और पक्षियों को खाना खिलाएं. अमावस्या के दिन सफेद गाय को हरी घास चारे में खिलाएं. पूरे विधि विधान के साथ किसी विद्वान ज्योतिषी से पितृ दोष निवारण पूजा कराएं. काशी और गया में अपने दिवंगत पूर्वजों का तर्पण करें.

मंगल दोष (Mangal dosh): किसी भी कपल के सफल सुखद वैवाहिक जीवन के लिए जरूरी है कि दोनों की कुंडली में मंगल दोष ना हो. यदि किसी एक की कुंडली में मंगल दोष है, तो विवाह के बाद रिश्ते में प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगते हैं. जब भी कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है, तब मांगलिक दोष लगता है.

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ऐसे पाएं मंगल दोष से मुक्ति :
मंगल ग्रह के लिए अग्नि अनुष्ठान करें. मंगलवार के दिन मंदिर में मां दुर्गा की पूजा करें और दीपक जलाएं. हनुमान चालीसा का पाठ करें. विधि-विधान के साथ मांगलिक दोष निवारण पूजा करवाएं.

गुरु चांडाल दोष (Guru chandal Dosh): कुंडली (Kundli) में यह दोष होने से व्यक्ति को पाचन तंत्र, लिवर की समस्या और गंभीर रोग होने की आशंका रहती है. ऐसे व्यक्ति फिजूलखर्ची में यकीन करते रहते हैं और भविष्य के बारे में ज्यादा नहीं सोचते. कुंडली में बृहस्पति और राहु के एक साथ आ जाने की वजह से यह दोष बनता है. यह दोष इंसान को हमेशा नुकसान ही देता है.

इस तरीके से दोष कर सकते हैं दूर :
गुरुवार के दिन गायों को और जरूरतमंद लोगों को चना दाल व गुड़ का दान करे. भगवान विष्णु की उपासना करें और प्रत्येक गुरुवार को बृहस्पति ग्रह की पूजा करें. गायत्री मंत्र का जाप करें. चांडाल दोष पूजा कराएं.

कालसर्प दोष (kaal sarp dosh): कुंडली में कालसर्प दोष राहु और केतु के एक साथ आने से होता है. अपनी कुंडली में कालसर्प दोष का नाम सुनते ही लोग परेशान हो जाते हैं. इस दोष की वजह से व्यक्ति का जीवन संघर्ष में बीतता है और उसे कई मौकों पर असफलता देखने को मिलती है. हालांकि आप चाहें तो विशेष उपाय के जरिए इस दोष को दूर सकते हैं.

कालसर्प दोष का ऐसे करें निवारण :
मंगलवार के दिन सांपों को दूध पिलाएं. मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा करें. मंगलवार के दिन राहु और केतु के लिए अग्नि अनुष्ठान करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें.

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केन्द्राधिपति दोष (Kendradhipati dosh): इस दोष की वजह से व्यक्ति को करियर से जुड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. उसे पढ़ाई और बिजनेस में भ दिक्कतें आती हैं. जिससे उसकी पारिवारिक जीवन परेशानी में घिरा रहता है. जब भी शुभ ग्रह यानी बृहस्पति बुध, शुक्र और चंद्रमा की राशि केंद्र में होती है तो उसे यह दोष लग जाता है.