Chandra Grahan 2021 Live:लगने वाला है 2021 का आखिरी चंद्रग्रहण,नोट कर लें ग्रहण काल में क्या करें और क्या नहीं.

Chandra Grahan or Lunar Eclipse November 2021 Date and Time in India: ज्योतिष और वैज्ञानिक गणना के अनुसार इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज 19 नवंबर, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है. हिंदू पंचाग के अनुसार इस दिन कार्तिक पूर्णिमा की तिथि है.

इन राशियों पर पड़ेगा असर :

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा. वृषभ, कन्या, वृश्चिक, धनु और मेष राशि वालों पर चंद्र ग्रहण का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.इस दौरान इन राशि वालों को वाद-विवाद से बचना चाहिए और बेवजह खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है.

ऐसे दान करें वस्तुएं :

धर्म-कर्म से जुड़े लोगों को अपनी राशि अनुसार अथवा किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली वस्तुओं को इकठ्ठा कर संकल्प के साथ उन वस्तुओं को योग्य व्यक्ति को दे देना चाहिए.

चंद्र ग्रहण अवधि :
ग्रहण की शुरुआत दोपहर 12:48 बजे से होगी. इसकी समाप्ति शाम 04:17 बजे होगी. आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट की होगी. उपच्छाया चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे की होगी.

कहां से दिखेगा चंद्र ग्रहण :

अरुणाचल प्रदेश और असम को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा. अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र के कुछ हिस्से इस घटना का अनुभव कर सकेंगे.

क्या होता है सूतक काल :

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, हिंदुओं की मान्यता कहती है कि चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पूर्व ही सूतक लग जाता है और यह ग्रहण के पूरी तरह से समाप्त होने तक रहता है. सूतक काल के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य प्रतिबंधित होते हैं. यहां तककि खाना बनाना और खाना खाना तक वर्जित होता है.पुजारी सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर देते हैं. सूतक काल खत्म होने के बाद मंदिर की सफाई भी होती है. सामान्य तौर पर सूतक काल के दौरान भजन और कीर्तन सबसे अच्छा और शुभ कार्य माना जाता है.

चंद्र ग्रहण की अहम टाइमिंग :

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कब लगेगा चंद्र ग्रहण : शुक्रवार सुबह 11 बज कर 34 मिनट से शुरू होगा

कब खत्म होगा : शाम 5 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा

कितनी होगी अवधि : चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 59 मिनट की होगी

सूतक काल : शुक्रवार तड़के 1 बजे के बाद शुरू होगा फिर शाम 6 बजे के आसपास खत्म होगा

किन राशियों को पड़ेगा चंद्र ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव :

मेष

कन्या

तुला

कुंभ

ग्रहण के बाद करें ये काम :

– ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई करें.

– पूरे घर में गंगा जल छिड़कें और नहाएं.

– ग्रहण के बाद दान पुण्य करना चाहिए.

चंद्र ग्रहण का समय :

चंद्र ग्रहण 19 नवंबर शुक्रवार के दिन लगने जा रहा है। इसकी शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 11 बजकर 34 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति शाम 5 बजकर 33 मिनट पर.

ग्रहण से पहले ही डाल देना चाहिए खाने और दूध में तुलसी का पत्ता.

ग्रहण से पहले खाने और दूध में तुलसी का पत्ता डालने की सलाह दी जाती है. इससे खाना अशुद्ध नहीं होता, अगर ऐसा नहीं किया गया हो तो ग्रहण के बाद पहले से बने हुए खाने को नहीं खाना चाहिए क्योंकि आपकी तबीयत खराब हो सकती है.

गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान करें ये काम :

ऐसी मान्यता है ग्रहण की पूरी अवधि के दौरान यदि गर्भवती महिला अपने पास नारियल रखती है तो इससे ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के पास नहीं पहुंचते हैं.

चंद्र ग्रहण किस राशि में लगेगा :

इस बार का चद्र ग्रहण वृषभ राशि में लगने जा रहा है. इसलिए सबसे अधिक प्रभाव वृषभ राशि वालों पर देखने को मिलेगा.

चंद्र ग्रहण का राशियों पर असर :

चंद्र ग्रहण तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ है। वहीं मेष, वृषभ, सिंह और वृश्चिक वालों के लिए ये ग्रहण अच्छा नही माना जा रहा है। इन राशि वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी.

भारत में लगेगा उपच्छाया चंद्र ग्रहण :

भारत में आंशिक नहीं उपच्छाया चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसे देखने के लिए विशेष तरह के उपकरणों की जरूरत पड़ती है. ये साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा. इसके बाद चंद्र ग्रहण का नजारा 8 दिसंबर 2022 में देखने को मिलेगा.

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किस नक्षत्र में लग रहा है चंद्र ग्रहण :

चंद्र ग्रहण कृत्तिका नक्षत्र में लग रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कृत्तिका नक्षत्र सूर्य का नक्षत्र माना जाता है. इसलिए जिन लोगों का जन्म कृत्तिका नक्षत्र में हुआ है, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है.

चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक

जहां चंद्रग्रहण के 9 घंटे पहले उसका सूतक काल लागू होता है वहीं सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले से सूतक प्रारंभ हो जाता है. ग्रहण जब समाप्त होता है तब उसका सूतक काल भी समाप्त हो जाता है.

चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं इस बात का रखें ध्यान :

ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी भी नुकीली या धारदार वस्तु का उपयोग नहीं करना चाहिए. ग्रहण और सूतक काल के दौरान कोई भी कैंची, चाकू या सुई का इस्तेमाल ना करें.

कितने प्रकार के होते हैं चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं

पूर्ण चंद्र ग्रहण

आंशिक चंद्र ग्रहण

उपछाया चंद्र ग्रहण

क्या इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल लगेगा?

इस बार भारत में चंद्र ग्रहण उपछाया की तरह ही दिखेगा. इस वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा, यही वजह है कि इस चंद्र ग्रहण में देश के मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं किए जाएंगे और शुभ कार्यों पर भी रोक नहीं होगी.

Chandra Grahan 2021 किन राशियों के लिए शुभ किनके लिए अशुभ :

चंद्र ग्रहण तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ रहने के आसार हैं. जबकि सिंह, वृश्चिक और वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है.

क्या होता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आते हैं.ग्रहण के आगाज़ से पहले चांद जमीन की उपच्छाया में दाखइल होता है इसके बाद धरती की वास्तविक छाया में दाखिल करता है. ऐसा होने पर वास्तविक चंद्र ग्रहण लगता है. वहीं अगर उपच्छाया चंद्र ग्रहण की बात करें तो चांद जमीन की वास्तविक छाया में दाखिल किए बिना ही बाहर आ जाता है.

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चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या करें (Chandra Grahan 2021)

चंद्र ग्रहण के बाद दूध और दूध से बने उत्पादों, सफेद तिल, सफेद कपड़े, इत्यादि का दान करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से भी ग्रहण के दुष्प्रभाव जीवन पर नहीं पड़ते हैं।

ग्रहण की समाप्ति के बाद क्या करें:

ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें

इसके बाद घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियों को भी गंगाजल से शुद्ध करें

तुलसी पौधे पर भी गंगाजल का छिड़काव करें

चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2021 Timing in India)

19 नवंबर 2021 को लग रहा है. इस ग्रहण को सदी का सबसे बड़ा आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है.

चंद्र ग्रहण का कार्तिक पूर्णिमा पूजा पर प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना को विशेष माना गया है. धार्मिक कार्यों पर चंद्र ग्रहण को प्रभाव नहीं पडे़गा. इसके पीछे जानकारों का मत है कि चंद्र ग्रहण पूर्ण नहीं है, 19 नवंबर 2021, शुक्रवार को लगने वाला चंद्र आंशिक है. इसके साथ ही दिन में चंद्र ग्रहण लग रहा है, तथा इसका प्रभाव भारत पर नहीं पड़ रहा है. इस ग्रहण को भारत में असम, अरुणाचल प्रदेश आदि क्षेत्रों में ही दिखाई देने की बात कही जा रही है. इसलिए पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों पर इस ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा. कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, दान और यज्ञ का विशेष महत्व बताया गया है.