Garuda Purana: गरुड़ पुराण की 7 बातों का रखें ध्यान, बंद हो जाएगा नरक का रास्ता.

Garuda Purana: हिन्दु धर्म में गरुड़ पुराण के मुताबिक अंतिम संस्कार के कई विधान पूरे किए जाते हैं. हिन्दु धार्मिक ग्रथों के मुताबिक जीवन के कर्मों का फल मनुष्य को मरणोपरांत मिलता है. मान्यता है कि यदि इंसान अपने जीवन में अच्छा कर्म करता है तो उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है, वहीं जब कोई बुरे कर्मों में संलिप्त रहता है तो उसे नरक भोगना पड़ता है. गरुड़ पुराण के अनुसार गर्भवती स्त्री, भ्रूण और नवजात की हत्या करने वालों को नरक में जगह मिलती है. इसके अतिरिक्त कुछ काम ऐसे हैं जिसे करके कोई भी नरक जाने से बच सकता है.

पूजा
गरुड़ पुराण के अनुसार नरक से बचने के लिए नरक चतुर्दशी के दिन देवी काली, हनुमान जी और श्री कृष्ण की विधिवत् पूजा करनी चाहिए.

विशेष व्रत
पूर्णिमा, अष्टमी और अमावस्या पर विधिवत हवन करना नरक से छुटकारा पाने के लिए बेहतर होता है.

व्रत
नरक से बचने के लिए व्रत का भी खास महत्व बताया गया है. गरुड़ पुराण के मुताबिक शिव चतुर्दशी, प्रदोष और एकादशी का व्रत रखने वाला नरक की यातना झेलने से बच सकता है.

पौधे लगाना
जो व्यक्ति अपने जीवन में तीन आंवला, पांच आम एक पीपल, दस इमली, एक नीम का पौधा लगाता है उसके लिए नरक जाने का रास्ता बंद हो जाता है. इसके अलावा बरगद, अशोक, तुलसी और नीम का पौधा लगाने वाला भी नरक से मुक्ति पा लेता है.

विष्णु सहस्त्रनाम
विष्णु सहस्त्रनाम का रोज पाठ करने से नरक में जाने से बचा जा सकता है. पुराण के मुताबिक विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ इंसान को उसके गलत कर्मों से मुक्ति दिलाता है. जिसके परिणामस्वरुप वह नरक का कष्ट भोगने से बच जाता है.

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गंगा स्नान
आमतौर पर भी गंगा स्नान को खास महत्व दिया गया है. पुराणों में कहा गया है कि पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से इंसान नरक जाने से बच जाता है.

रामचरित मानस पाठ
गरुड़ पुराण की मानें तो इंसान को रामचरित मानस का रोजाना पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से मृत्यु के समान कष्टों से भी छुटकारा मिल जाता है.